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बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों की लविप्रा करेगी जांच

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लखनऊ। दिल्ली के एक होटल में आग से हुये दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ने भी राजधानी के होटलों और बहुमंजिला इमारत की जांच करने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि अधिकतर अवैध बिल्डिंगों को लेकर पहले से ही लखनऊ विकास प्राधिकरण के पास शिकायतें और जांच दोनों ही पड़ी हुई है लेकिन उस पर कार्रवाई वर्षों से लंबित है। ऐसे में देखना यह है कि उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार का नया आदेश पेंडिंग मामलों को घटाने में कितना कारगर होगा।
 एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने प्रवर्तन व अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक कर बहुमंजिला इमारत और होटलों की जांच करने के बाबत निर्देश दिए। 
बैठक में उन्होंने बहुमंजिला इमारतों में जांच के लिए संयुक्त टीम गठित करते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। बैठक में मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल, अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा एवं सी.पी त्रिपाठी समेत समस्त जोनल अधिकारी मौजूद रहे। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि शहर में विभिन्न व्यक्तियों/संस्थाओं द्वारा होटल, गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम, मॉल, व्यावसायिक कॉम्पलेक्स आदि का संचालन किया जा रहा है। जिसके लिए प्राधिकरण द्वारा भवन मानचित्र स्वीकृत किया जाता है। वहीं, भवनों में आग से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों की निगरानी व अनापत्ति अग्निशमन विभाग द्वारा निर्गत की जाती है। हाल ही में बहुमंजिला इमारतों में हुयी अग्नि जनित घटनाओं के दृष्टिगत यह जरूरी है कि दोनों विभाग एक साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच करें। इसे ध्यान में रखते हुए एलडीए व अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की ज्वाइंट टीम गठित की गयी है। 
प्रत्येक जोन में एलडीए व अग्निशमन विभाग से 01-01 अधिकारी को नामित किया गया है, जोकि बहुमंजिला भवनों में अग्निशमन व अन्य सुरक्षा सम्बंधी मानकों की जांच की कमान संभालेंगे। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि जांच के बिन्दु व प्रारूप निर्धारित कर दिया गया है। इसी के मुताबिक जांच टीम को अपनी रिपोर्ट देनी होगी। इसमें निरीक्षण की तारीख के साथ स्थल की फोटोग्राफ लगानी होगी। एलडीए की प्रवर्तन टीम स्वीकृत मानचित्र के मुताबिक स्थल पर हुये निर्माण कार्य, पार्किंग, सेटबैक व फ्लोर आदि की जांच करेगी। अगर स्वीकृत मानचित्र के सापेक्ष निर्मित क्षेत्र में अंतर पाया जाता है तो निर्माणकर्ता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई प्रचलित की जाएगी। वहीं, अग्निशमन की टीम आग से सुरक्षा के मानकों की जांच करके रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

जोनल अधिकारी के साथ शामिल रहेगा एक एफएसओ 
लखनऊ। प्रवर्तन जोन-1 में जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी के साथ एफएसओ गोमती नगर मामचन्द्र बड़गूजर, प्रवर्तन जोन-2 में जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह के साथ एफएसओ सत्येन्द्र कुमार सिंह, प्रवर्तन जोन-3 में जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह के साथ एफएसओ सरोजनी नगर/आलमबाग धर्मपाल सिंह, प्रवर्तन जोन-4 मेें जोनल अधिकारी माधवेश कुमार के साथ एफएसओ बी0के0टी0 प्रशांत कुमार, प्रवर्तन जोन-5 में जोनल अधिकारी वंदना पाण्डेय के साथ एफएसओ इंदिरा नगर कमलेन्द्र कुमार, प्रवर्तन जोन-6 एवं 7 में जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह के साथ एफएसओ हजरतगंज राम कुमार रावत एवं एफएसओ चौक पुष्पेन्द्र कुमार यादव को नामित किया गया है।

फिर निकला नक़्शे और फायर संयंत्रों जांचने का जिन्न 
लखनऊ। राजधानी में राजधानी के कई अवैध होटल में भयावह रूप से लगी आग से कई लोग मारे जा चुके हैं। उनमें हालिया होटल लेवाना में चार लोगों की मौत दम घुटने से ही हो गई थी। होटल लेवाना सुईट्स में 5 सितंबर 2022 की सुबह शॉर्ट सर्किट से जब आग लगी तो उसमें चार लोग जिंदा जल गए जबकि कोई दो दर्जन से अधिक लोगों को बचा लिया गया था। इसमें होटल के मालिक पवन अग्रवाल का बेटा रोहित अग्रवाल और भाई सुमेर अग्रवाल का बेटा राहुल अग्रवाल जेल गए लेकिन जल्द ही ज़मानत हो गयी और अब तीरथ राम अग्रवाल के नाम से की पुरानी फर्म के नाम से उन्होंने शहर में बहुमंजिलाई ईमारते और रेजिडेंशियल कॉमप्लेक्स बनाने का काम शुरू भी कर दिया। यह बात अलग है कि होटल मालिक पवन अग्रवाल और उनके साझीदार राहुल अग्रवाल और रोहित अग्रवाल की लापरवाही से हुई मौत के चार परिजन अभी भी संभल नहीं पाए हैं। एलडीए ने बिल्डर बंसल कंस्ट्रक्शन के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई थी। हजरतगंज कोतवाली में लेवाना ग्रुप के डायरेक्टर रोहित अग्रवाल, राहुल अग्रवाल व होटल के जनरल मैनेजर सागर के खिलाफ लापरवाही व गैर इरादतन हत्या की धारा 304 व 308 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं, लखनऊ पुलिस ने होटल मालिक राहुल अग्रवाल और रोहित अग्रवाल के साथ महाप्रबंधक सागर श्रीवास्तव को भी गिरफ्तार किया था। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इस मामले में मेसर्स बंसल कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि मुकेश जसनानी और उनके साझेदारों के खिलाफ भी हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई हुई है। प्रकरण की प्रारंभिक जांच में एलडीए ने पाया था कि बिल्डर ने प्राधिकरण में फर्जी शपथ पत्र देकर आवासीय भूखंड में व्यावसायिक निर्माण कराया था। इसके आधार पर प्राधिकरण की तरफ से मेसर्स बंसल कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि मुकेश जसनानी और उनके साझेदारों के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। लेकिन घूसखोरी के चलते अब सब जांच ठंडे बस्ते में हैं। बल्कि मिलीभगत से नए और होटल बनवा दिए गए हैं। लेवाना के कांड के बाद लखनऊ में मानको के विपरीत दर्जनों जानलेवा  अवैध होटल और व्यवसायिक भवनों का निर्माण हो चुका है, जिसके लिए जिम्मेदार प्राधिकरण का भ्रष्ट तंत्र है।
एलडीए के जैसे अन्य विभागों में आउट सोर्सिंग की गई है, प्रवर्तन में कर दी जाये तो करोड़ों रुपए का राजस्व लाभ होगा। वैसे भी प्रवर्तन विभाग केवल नोटिस काटने के बाद अपना महीना और स्लैब का हिस्सा लेने में ही रुचि रखता है, भले ही शहर की ऐसी तैसी हो जाए। जोनल अधिकारियों और इंजीनियर की इसी कमाई से गाँव में फार्म हाउस, गैस एजेंसी, होटल सब बन जाते हैं, फिर पत्रकारों से बड़ी-बड़ी डीगें हांकते हैं कि हम तो खानदानी रईस हैं, नौकरी तो बस शौक के लिए कर रहे हैं।

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